इस्लामी गणतंत्र ईरान के रक्षामंत्री ने कहा है कि ८ दिवसीय युद्ध में ग़ज़्ज़ा वासियों का संघर्ष और उनकी विजय, ३३ दिवसीय और २२ दिवसीय युद्धों में प्राप्त होने वाली भारी विजय का ही क्रम है।
रक्षामंत्री, अहमद वहीदी ने गुरुवार को रक्षामंत्रालय में एक बैठक के दौरान, ग़ज़्ज़ा वासियों की सफलता पर इस्लामी जगत को बधाई देते हुए कहा कि यह विजय इस बात का कारण बनी कि क्षेत्र और विश्व के लोग, ज़ायोनी शासन के खोखले पन को भली भांति देख लें।
रक्षामंत्री ने ग़ज़्ज़ा वासियों के अभूतपूर्व व साहसिक प्रतिरोध की सराहना करते हुए बल दिया कि ग़ज़्ज़ा वासियों के साहस के कारण ज़ायोनी शासन के पाश्विक आक्रमण प्रभावहीन तो हुए ही साथ ही उन्हें अपने आक्रमणों के जारी रहने के बारें भी शंका व संदेह होने लगा और ज़ायोनी अधिकारी असमंजस में पड़ गये।
ईरान के रक्षामंत्री ने ग़ज़्ज़ा वासियों के संघर्ष की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ज़ायोनी शासन की खोखली शक्ति की पोल खुल गयी और पहले ही हिज़्बुल्लाह के ड्रोन विमान द्वारा कमज़ोर होने वाली आयरन डोम व्यवस्था पूर्ण रूप से धराशायी हो गयी।
रक्षामंत्री ने कहा कि ग़ज़्ज़ा वासियों की विजय से अतिग्रणकारी इस्राईली अधिकारियों के साथ ही साथ अमरीका व युरोपीय संघ के नेता भी लज्जित हुए हैं क्योंकि उन्होंने इस्राईल का खुल कर समर्थन किया जिससे इस अपराधी शासन को अत्याचार जारी रखने का दुस्साहस मिला।
रक्षा मंत्री ने कहा कि ग़ज़्ज़ा वासियों के संघर्ष और सफलता से एक बार पुनः यह स्पष्ट हो गया कि मानवाधिकारों की रक्षा का झूठा दावा करने वाले कठोर ह्रदयों के स्वामी राष्ट्रध्यक्ष, किसी भी मानवीय सिद्धान्त पर प्रतिबद्ध नहीं हैं बल्कि इस्राईल का खुल कर समर्थन करने के कारण इस अवैध शासन के अत्याचारों व अपराधों में भागीदार हैं।
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